आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हर क्षेत्र में छाया हुआ है लोग कहते हैं कि Ai मुश्किल से मुश्किल गणित की समस्याओं को हल कर सकता है और शोध में बड़ा साथी बन सकता है। लेकिन क्या सच में ऐसा है? हाल ही में एक प्रसिद्ध गणितज्ञ ने Ai पर बड़ा सवाल उठाया है।

यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम के प्रोफेसर जोएल डेविड हैमकिन्स (Joel David Hamkins) ने कहा कि वर्तमान Ai सिस्टम, खासकर लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs), गणितीय शोध के लिए भरोसेमंद नहीं हैं वे अक्सर गलत जवाब देते हैं और अपनी गलतियों को मानते तक नहीं। यह बात उन्होंने लेक्स फ्रिडमैन पॉडकास्ट में कही, जो 2025 के अंत में रिलीज हुआ।
इस आर्टिकल में समझेंगे कि Joel David Hamkins AI के बारे में क्या सोचते हैं, Ai की मुख्य समस्याएं क्या हैं, और बड़े गणितज्ञ जैसे Terence Tao AI Warnings क्या दे चुके हैं, हम देखेंगे कि AI in Mathematics अभी कितना उपयोगी है और भविष्य में क्या हो सकता है यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एआई तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन गणित जैसे सटीक क्षेत्र में इसकी सीमाएं जानना जरूरी है।
जोएल डेविड हैमकिन्स कौन हैं?
जोएल डेविड हैमकिन्स एक विश्व प्रसिद्ध गणितज्ञ और तर्कशास्त्र (लॉजिक) के विशेषज्ञ हैं वे सेट थ्योरी, अनंत (इनफिनिटी) और गणित की नींव पर काम करते हैं वे MathOverflow वेबसाइट पर सबसे ज्यादा रेटेड यूजर हैं और कई किताबें लिख चुके हैं, जैसे “Proof and the Art of Mathematics” वे यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम में प्रोफेसर हैं।
हाल ही में लेक्स फ्रिडमैन पॉडकास्ट में उन्होंने AI in Mathematics पर अपनी राय रखी उन्होंने कई महंगे और उन्नत एआई मॉडल्स आजमाए, लेकिन पाया कि ये गणित के काम में कोई खास मदद नहीं करते उनके अनुसार, LLMs in Math Research अभी “गार्बेज” जवाब देते हैं, यानी बेकार और गलत जानकारी यह सुनकर कई लोग हैरान हुए क्योंकि एआई को बहुत तारीफ मिल रही है लेकिन हैमकिन्स जैसे विशेषज्ञ की बात वजनदार है। (AI Hallucinations in Proofs, Joel David Hamkins AI Views)
Ai की सबसे बड़ी समस्या: गलती मानने से इनकार
एआई की सबसे बड़ी दिक्कत क्या है? हैमकिन्स कहते हैं कि एआई गलत होना तो ठीक है, लेकिन वह अपनी गलती मानता नहीं जब आप एआई के तर्क में साफ गलती बताते हैं, तो वह कहता है “सब ठीक है” और अपनी बात पर अड़ा रहता है इसे इंसानों से अगर कोई व्यक्ति ऐसा करे, तो आप उससे फिर बात करना छोड़ देंगे। ठीक वैसे ही, एआई पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है।
यह समस्या LLMs की बुनियाद में है एआई डेटा से सीखता है और आत्मविश्वास से जवाब देता है, भले ही गलत हो इसे “हैलुसिनेशन” कहते हैं, जहां एआई काल्पनिक लेकिन आत्मविश्वास भरे जवाब बनाता है गणित में जहां हर कदम सही होना चाहिए, यह बहुत खतरनाक है Artificial Intelligence Mathematics 2026 में भी यह समस्या बनी रह सकती है अगर सुधार न हो।
बेंचमार्क में पास, लेकिन रिसर्च में फेल
आजकल एआई कुछ टेस्ट में अच्छा करता है कुछ लोग दावा करते हैं कि एआई ने कठिन गणित समस्याओं में मदद की। लेकिन हैमकिन्स और अन्य गणितज्ञ सहमत नहीं नोबेल स्तर के गणितज्ञ टेरेंस ताओ (Terence Tao) ने भी चेतावनी दी है कि एआई ऐसे प्रमाण (प्रूफ) बनाता है जो बाहर से सही लगते हैं, लेकिन अंदर गहरी गलतियां होती हैं कोई विशेषज्ञ इन्हें स्वीकार नहीं करेगा।
टेस्ट और असली शोध में फर्क है, बेंचमार्क सरल होते हैं, लेकिन रिसर्च में नई और गहरी सोच चाहिए। वर्तमान एआई अभी गणितीय तर्क के लिए भरोसेमंद नहीं हैमकिन्स कहते हैं कि यह प्रोफेशनल गणितज्ञ का सच्चा साथी बनने से दूर है (Terence Tao AI Warnings, AI Limitations in Math).
Ai और गणित के विशेषज्ञों की तुलना
नीचे एक सरल टेबल है जो Ai और मानव गणितज्ञों की तुलना दिखाती है:
| विशेषता | मानव गणितज्ञ (Human Mathematician) | वर्तमान एआई (Current AI/LLMs) |
|---|---|---|
| तर्क की मजबूती | मजबूत, गलती सुधारते हैं | कमजोर, गलती मानते नहीं |
| गलतियों का व्यवहार | गलती मानकर सुधारते हैं | आत्मविश्वास से गलत बात दोहराते हैं |
| नई समस्याओं पर काम | रचनात्मक सोच से हल निकालते हैं | पुराने डेटा पर आधारित, नया नहीं बनाते |
| भरोसेमंदता | उच्च, पीयर रिव्यू से सत्यापित | कम, हैलुसिनेशन की समस्या |
| भविष्य की संभावना | हमेशा सीखते रहते हैं | सुधार हो सकता है, लेकिन अभी नहीं |
यह टेबल दिखाती है कि AI in Mathematics अभी मानव स्तर से पीछे है।
अन्य गणितज्ञों की राय
टेरेंस ताओ जैसे गणितज्ञ भी Ai पर सतर्क हैं वे कहते हैं कि एआई उपयोगी हो सकता है, जैसे आइडिया जनरेट करने या साहित्य रिव्यू में, लेकिन जटिल प्रमाणों में गलतियां करता है, कुछ शोध कहते हैं कि LLM Hallucinations गणित में अनिवार्य हैं क्योंकि ये सांख्यिकीय मॉडल हैं, पूर्ण सटीक नहीं।
हालांकि ताओ उम्मीद करते हैं कि 2026 तक एआई बेहतर सहायक बनेगा, लेकिन हैमकिन्स ज्यादा सख्त हैं। वे कहते हैं कि फिलहाल एआई से कोई खास मदद नहीं।
भविष्य में क्या?
हैमकिन्स मानते हैं कि भविष्य में एआई बेहतर हो सकता है अगर हैलुसिनेशन कम हों और तर्क मजबूत हो, तो यह शोध साथी बन सकता है लेकिन अभी यह दूर की बात है, गणितज्ञों को एआई को सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए, सिर्फ सहायक के रूप में, न कि मुख्य टूल के रूप में।
एआई एक शक्तिशाली टूल है, लेकिन गणित जैसे सटीक क्षेत्र में अभी इसकी सीमाएं बहुत हैं। जोएल डेविड हैमकिन्स जैसे विशेषज्ञों की बात सुनकर हमें सतर्क रहना चाहिए। एआई मदद कर सकता है, लेकिन इंसानी दिमाग की जगह नहीं ले सकता। भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन अभी धैर्य रखें। यह चर्चा हमें सोचने पर मजबूर करती है कि Artificial Intelligence Mathematics में कितना आगे बढ़ेगा। (कुल शब्द गिनती: लगभग 1050 शब्द – विस्तार से लिखा गया सरल भाषा में)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
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एआई गणित की समस्याएं हल कर सकता है?
हां, सरल समस्याएं हल कर सकता है, लेकिन जटिल शोध में गलतियां करता है। Joel David Hamkins के अनुसार अभी भरोसेमंद नहीं।
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LLMs क्या हैं और गणित में क्यों फेल होते हैं?
लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स डेटा से जवाब बनाते हैं, लेकिन तर्क कमजोर होता है वे हैलुसिनेशन करते हैं।
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टेरेंस ताओ एआई के बारे में क्या कहते हैं?
वे चेतावनी देते हैं कि एआई के प्रमाण बाहर से सही लेकिन अंदर गलत होते हैं।
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क्या एआई कभी गणितज्ञों जितना अच्छा हो जाएगा?
भविष्य में हो सकता है, लेकिन वर्तमान में नहीं सुधार की जरूरत है।
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एआई का इस्तेमाल गणित में कैसे करें?
सिर्फ आइडिया जनरेट या चेक करने के लिए, मुख्य काम खुद करें।





