आज के डिजिटल दौर में हम रोजाना व्हाट्सएप (WhatsApp) पर घंटों बातें करते हैं, परिवार से लेकर दोस्तों और काम की बातें सब कुछ इसी ऐप पर शेयर होता है कंपनी हमेशा कहती आई है कि व्हाट्सएप में End-to-End Encryption है, यानी आपकी मैसेज सिर्फ भेजने वाले और पढ़ने वाले ही देख सकते हैं, कंपनी भी नहीं लेकिन अब अमेरिका में एक बड़ा मुकदमा दायर हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि Meta (व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी) आपकी चैट्स को स्टोर, एनालाइज और एक्सेस कर सकती है।

इस खबर के बाद Elon Musk, Sridhar Vembu (Zoho के फाउंडर) जैसे बड़े टेक लीडर्स ने खुलकर Meta पर सवाल उठाए हैं, यह विवाद सिर्फ एक ऐप का नहीं, बल्कि हमारी ऑनलाइन प्राइवेसी (Privacy) और डेटा सुरक्षा (Data Security) का बड़ा सवाल है क्या व्हाट्सएप सच में प्राइवेट है? आइए सरल भाषा में समझते हैं पूरी कहानी।
WhatsApp Privacy Scandal 2026
जनवरी 2026 में सैन फ्रांसिस्को की अदालत में एक क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया गया इसमें भारत, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको और साउथ अफ्रीका के यूजर्स शामिल हैं, आरोप है कि WhatsApp Privacy के नाम पर Meta यूजर्स को गुमराह कर रही है।
मुकदमे के मुताबिक:
- Meta कर्मचारी आसानी से किसी भी यूजर की मैसेज पढ़ सकते हैं।
- कंपनी मैसेज को स्टोर करती है और उनका एनालिसिस करती है।
- End-to-End Encryption का दावा झूठा है, क्योंकि Meta के पास बैकडोर जैसी सुविधा है।
व्हिसलब्लोअर्स (जिन्होंने कंपनी के अंदर की बात बताई) के अनुसार, Meta के इंटरनल सिस्टम से कर्मचारी “टास्क” भेजकर मैसेज एक्सेस कर लेते हैं। यह दावा बहुत गंभीर है, क्योंकि व्हाट्सएप पर दुनिया भर में 2 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं।
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टेक दिग्गजों ने Meta पर साधा निशाना
इस मुकदमे के बाद टेक वर्ल्ड में हलचल मच गई कई बड़े नामों ने अपनी राय दी:
- Elon Musk (Tesla, SpaceX और X के मालिक) ने X पर पोस्ट किया “WhatsApp is not secure. Even Signal is questionable. Use X Chat.” उन्होंने यूजर्स को X के चैट फीचर पर आने की सलाह दी मस्क लंबे समय से Meta की प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ बोलते रहे हैं।
- Sridhar Vembu (Zoho के को-फाउंडर) ने कहा “जब कंपनी यूजर की आदतों से विज्ञापन दिखाकर पैसा कमाती है, तो प्राइवेसी कभी पहली प्राथमिकता नहीं हो सकती।” उन्होंने इसे “हितों का टकराव” (Conflict of Interest) बताया और कहा कि मुनाफे के चक्कर में कंपनियां यूजर डेटा ट्रैक करती हैं।
ये दोनों ही कमेंट्स ने WhatsApp Controversy 2026 को और हॉट टॉपिक बना दिया।
व्हाट्सएप की पुरानी प्राइवेसी समस्याएं
यह कोई नई बात नहीं है। व्हाट्सएप पर पहले भी कई बार प्राइवेसी के आरोप लगे हैं:
| वर्ष | विवाद का नाम | क्या हुआ? |
|---|---|---|
| 2014 | Meta ने WhatsApp खरीदा | Facebook (अब Meta) ने 19 बिलियन डॉलर में खरीदा, तब से प्राइवेसी पर सवाल। |
| 2016 | डेटा शेयरिंग शुरू | फोन नंबर और मेटाडेटा Facebook के साथ शेयर होने लगा। |
| 2019 | Pegasus Spyware Attack | NSO Group के स्पाइवेयर से कई लोगों के मैसेज हैक हुए। |
| 2021 | Privacy Policy Update | बिजनेस चैट्स का डेटा Meta के साथ शेयर होने की बात से बड़ा विरोध हुआ। |
| 2025-26 | Whistleblower Claims | पूर्व कर्मचारी ने कहा कि 1500 इंजीनियर्स यूजर डेटा एक्सेस कर सकते हैं। |
Meta का जवाब क्या है?
Meta और WhatsApp Head Will Cathcart ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है कंपनी का कहना है:
- End-to-End Encryption Signal Protocol पर आधारित है, जो 10 साल से चल रहा है।
- मैसेज की कुंजी सिर्फ यूजर के फोन पर रहती है, कंपनी के पास नहीं।
- कोई भी कर्मचारी मैसेज नहीं पढ़ सकता।
- यह मुकदमा “frivolous” (बेबुनियाद) है और कंपनी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
Meta का दावा है कि मैसेज ट्रांजिट में एन्क्रिप्टेड रहते हैं, लेकिन बैकअप या मेटाडेटा अलग बात है।
प्राइवेसी बचाने के टिप्स
अगर आप चिंतित हैं, तो ये कदम उठा सकते हैं:
- Two-Step Verification ऑन करें।
- क्लाउड बैकअप (Google Drive/iCloud) ऑफ रखें, क्योंकि बैकअप एन्क्रिप्टेड नहीं होता।
- संवेदनशील बातें किसी और सुरक्षित ऐप (जैसे Signal) पर करें।
- अननोन लिंक्स या फाइल्स से बचें।
- ऐप को रेगुलर अपडेट रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या व्हाट्सएप मेरी चैट्स पढ़ सकता है?
कंपनी का दावा है नहीं, क्योंकि End-to-End Encryption है लेकिन मुकदमे में आरोप है कि कर्मचारी एक्सेस कर सकते हैं।
2. Elon Musk ने WhatsApp को असुरक्षित क्यों कहा?
मुकदमे के बाद उन्होंने X पर पोस्ट किया कि WhatsApp और Signal दोनों संदेह के घेरे में हैं, X Chat इस्तेमाल करें।
3. Sridhar Vembu ने क्या कहा?
विज्ञापन से कमाई करने वाली कंपनियां प्राइवेसी को प्राथमिकता नहीं दे सकतीं, यह हितों का टकराव है।
4. क्या Signal या Telegram बेहतर हैं?
Signal ओपन-सोर्स है और कम डेटा कलेक्ट करता है, लेकिन Musk ने इसे भी संदिग्ध बताया Telegram में कुछ फीचर्स अलग हैं।
5. भारत में इस मुकदमे का असर?
भारत के लाखों यूजर्स शामिल हैं, लेकिन फैसला आने में समय लगेगा।
WhatsApp Recruitment नहीं, बल्कि WhatsApp Privacy Controversy अब बड़ा मुद्दा है, यह मामला हमें याद दिलाता है कि फ्री ऐप्स में हमारा डेटा ही असली कमाई है प्राइवेसी हमारा अधिकार है, लेकिन कंपनियां मुनाफे के लिए क्या कर रही हैं यह सवाल उठना जरूरी है फिलहाल, सतर्क रहें, जरूरत पड़ने पर अल्टरनेटिव ऐप्स ट्राई करें आपकी चैट्स, आपकी प्राइवेसी इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी है।





