EV Adoption in Delhi: दिल्ली में हर 10 में से 1 से ज्यादा गाड़ी इलेक्ट्रिक! देश में तीसरे नंबर पर पहुंची राजधानी

EV Adoption in Delhi: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है लोग अब प्रदूषण कम करने और पेट्रोल-डीजल के खर्च से बचने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां चुन रहे हैं इसी बीच एक अच्छी खबर दिल्ली से आई है। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) की नई रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिल्ली ने EV Adoption में बड़ा सफलता हासिल की है।

दिल्ली कुल वाहन बिक्री में EV की हिस्सेदारी 11.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है इससे दिल्ली राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तीसरे स्थान पर आ गई है यह राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है दिल्ली में अब हर दस में से एक से ज्यादा नई गाड़ी इलेक्ट्रिक हो रही है, जो पर्यावरण के लिए बहुत अच्छा संकेत है इस आर्टिकल में हम CEEW EV Report की मुख्य बातें, दिल्ली की सफलता के कारण और आगे की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

CEEW रिपोर्ट क्या कहती है? EV Penetration in India का पूरा हाल

CEEW एक स्वतंत्र संस्था है जो ऊर्जा, पर्यावरण और पानी से जुड़े मुद्दों पर अध्ययन करती है उनकी ताजा रिपोर्ट सड़क परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल (Vahan Portal) के आंकड़ों पर आधारित है रिपोर्ट बताती है कि पूरे देश में EV Penetration यानी नई बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों का हिस्सा बढ़ रहा है, लेकिन कुछ राज्य आगे निकल गए हैं।

दिल्ली की स्थिति बहुत मजबूत है FY 2024-25 में यहां EV की हिस्सेदारी 11.6% हो गई इससे दिल्ली EV Ranking में तीसरे नंबर पर पहुंच गई, पहले स्थान पर चंडीगढ़ है जहां यह आंकड़ा 12.1% है दूसरे नंबर पर गोवा है जिसकी हिस्सेदारी 11.9% है, इन जगहों पर अच्छी नीतियां और सब्सिडी ने लोगों को EV खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर EV Adoption अभी भी धीमी है, लेकिन दिल्ली जैसे शहर इसे तेज कर रहे हैं रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में EV का प्रसार सभी तरह के वाहनों में हुआ है दोपहिया, तिपहिया और बसें। कई अन्य राज्यों में सिर्फ तिपहिया वाहनों में ही EV ज्यादा बिक रहे हैं।

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टॉप राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की EV Penetration तुलना (टेबल)

क्रमांकराज्य/केंद्र शासित प्रदेशEV Penetration (FY 2024-25)मुख्य कारण
1चंडीगढ़12.1%मजबूत नीति और प्रोत्साहन
2गोवा11.9%अच्छी सब्सिडी और इंफ्रा
3दिल्ली11.6%ई-बसें और चार्जिंग नेटवर्क

यह टेबल दिखाती है कि दिल्ली बहुत पीछे नहीं है और जल्दी ही आगे निकल सकती है।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का बोलबाला

दिल्ली सार्वजनिक परिवहन में देश का उदाहरण बन रही है CEEW EV Report के मुताबिक, दिल्ली की बसों में करीब 40 प्रतिशत अब इलेक्ट्रिक हैं यह देश में सबसे ज्यादा है इलेक्ट्रिक बसें (Electric Buses Delhi) चलने से प्रदूषण कम हो रहा है और लोगों को सस्ता और साफ सफर मिल रहा है।

वित्तीय वर्ष में दिल्ली में कुल 83,423 इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर हुए इससे दिल्ली कुल EV संख्या और अपनाने की दर दोनों में आगे है दिल्ली सरकार की EV Policy ने खरीद पर सब्सिडी, टैक्स छूट और चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है अच्छा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर होने से लोगों का डर कम हुआ है कि बैटरी खत्म हो जाएगी तो क्या करेंगे।

दिल्ली की सफलता के मुख्य कारण

  • सरकारी प्रोत्साहन: दिल्ली EV Policy में खरीद पर अच्छी सब्सिडी और रोड टैक्स में छूट मिलती है।
  • चार्जिंग नेटवर्क: शहर में चार्जिंग स्टेशन तेजी से बढ़ रहे हैं।
  • सभी सेगमेंट में अपनावा: दोपहिया वाहन (Electric Two-Wheelers), तिपहिया और बसें – सभी में EV बढ़ रहे हैं।
  • जागरूकता: लोग पर्यावरण और बचत के लिए EV चुन रहे हैं।

ये कारण दिल्ली को EV Race में मजबूत बनाते हैं।

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भारत में EV Adoption की चुनौतियां और भविष्य

हालांकि दिल्ली अच्छा कर रही है, लेकिन पूरे देश में अभी चुनौतियां हैं चार्जिंग स्टेशन की कमी, बैटरी की कीमत और जागरूकता की कमी मुख्य हैं लेकिन सरकार की FAME स्कीम और राज्य स्तर की नीतियां मदद कर रही हैं आने वाले वर्षों में EV Penetration और बढ़ने की उम्मीद है दिल्ली जैसे शहर अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा हैं।

दिल्ली vs अन्य राज्य

पैरामीटरदिल्लीराष्ट्रीय औसतचंडीगढ़
EV Penetration11.6%लगभग 7-8%12.1%
इलेक्ट्रिक बसों का हिस्साकरीब 40%कमउच्च
कुल EV रजिस्ट्रेशन (उदाहरण)83,423

यह टेबल साफ दिखाती है कि दिल्ली National EV Average से काफी आगे है।

CEEW Report से साफ है कि दिल्ली EV Adoption in India में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तीसरा स्थान हासिल करना बड़ी उपलब्धि है इलेक्ट्रिक बसें और दोपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या से शहर साफ और हरा-भरा बन रहा है अगर इसी तरह प्रयास जारी रहे तो दिल्ली जल्दी पहले नंबर पर पहुंच सकती है आप भी EV चुनकर पर्यावरण की मदद कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. CEEW Report में दिल्ली का EV Penetration कितना है?
    वित्तीय वर्ष 2024-25 में 11.6 प्रतिशत।
  2. EV Ranking में टॉप तीन कौन हैं?
    पहला चंडीगढ़ (12.1%), दूसरा गोवा (11.9%), तीसरा दिल्ली (11.6%)।
  3. दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसें कितनी प्रतिशत हैं?
    रिपोर्ट के अनुसार करीब 40 प्रतिशत।
  4. राष्ट्रीय EV औसत कितना है?
    लगभग 7-8 प्रतिशत के आसपास।
  5. दिल्ली की EV सफलता का मुख्य कारण क्या है?
    अच्छी नीति, सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रा और सार्वजनिक परिवहन में फोकस।
  6. क्या EV खरीदने पर सब्सिडी मिलती है?
    हां, दिल्ली EV Policy के तहत खरीद पर सब्सिडी और टैक्स छूट मिलती है।
  7. CEEW रिपोर्ट का डेटा कहां से आया है?
    सड़क परिवहन मंत्रालय के Vahan Portal से।

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