Fake Mobile Charger Danger: धीमी चार्जिंग से लेकर जान का खतरा – बचाव के आसान टिप्स

Fake Mobile Charger Danger: आजकल हर कोई स्मार्टफोन का इस्तेमाल करता है हम फोन खरीदने में 20,000 से 1 लाख तक रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन चार्जर चुनते समय सिर्फ 100-200 रुपये बचाने के चक्कर में नकली या सस्ता charger ले लेते हैं यह छोटी बचत आगे चलकर बहुत बड़ा नुकसान कर सकती है नकली charger से फोन की बैटरी खराब हो सकती है, फोन गर्म हो सकता है, और कई बार तो ब्लास्ट का भी खतरा रहता है।

Fake Mobile Charger Danger

2026 में भी बाजार में fake charger की भरमार है सरकार भी BIS certified charger इस्तेमाल करने की सलाह देती है इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि नकली charger के क्या-क्या गंभीर नुकसान हैं साथ ही, सही charger कैसे चुनें, यह भी जानेंगे।

नकली चार्जर क्यों खतरनाक होता है?

असली charger कंपनी के सख्त नियमों से बनता है इसमें अच्छे चिप, सेफ्टी फीचर्स और सही वोल्टेज कंट्रोल होता है लेकिन नकली charger में घटिया मटेरियल इस्तेमाल होता है इससे पावर सप्लाई अनियमित रहती है फोन की lithium-ion battery बहुत sensitive होती है थोड़ा सा भी गलत वोल्टेज बैटरी को डैमेज कर देता है।

अब देखते हैं मुख्य नुकसान:

1. चार्जिंग बहुत स्लो हो जाती है

आज के फोन में fast charging जैसे 33W, 65W या 120W सपोर्ट होता है असली charger फोन के protocol को समझकर तेज चार्ज करता है।

नकली charger में:

  • सही पावर नहीं मिलती
  • फोन slow charging मोड में चला जाता है
  • 30 मिनट में 20-30% ही चार्ज होता है

यह रोज की परेशानी बन जाती है।

2. बैटरी लाइफ बहुत कम हो जाती है

Lithium-ion battery में cycles होते हैं अच्छा charger बैटरी को 100% चार्ज करने के बाद पावर काट देता है।

नकली charger से:

  • वोल्टेज up-down होता रहता है
  • बैटरी cells डैमेज होते हैं
  • 6-8 महीने में बैटरी health 80% से नीचे चली जाती है
  • बैटरी फूलने (swelling) लगती है

बैटरी बदलवाने में 2000-5000 रुपये खर्च हो जाते हैं।

3. ओवरहीटिंग की समस्या

Cheap charger में heat sink या अच्छा circuit नहीं होता चार्जिंग के दौरान बहुत गर्मी बनती है।

इससे होता है:

  • फोन गर्म होकर हैंग हो जाता है
  • प्रोसेसर और मदरबोर्ड डैमेज हो सकता है
  • कई मामलों में बैटरी explode हो जाती है
  • 2025-2026 में कई recall हुए जहां fake chargers से fire incidents रिपोर्ट हुए

फोन गर्म होने पर इस्तेमाल न करें, वरना permanent damage हो सकता है।

4. सेफ्टी फीचर्स की कमी

ब्रांडेड charger में short circuit protection, overvoltage protection और surge protection होता है।

नकली charger में ये फीचर्स नहीं होते-

  • बिजली का झटका लग सकता है
  • चार्जर में blast हो सकता है
  • घर में आग लगने का रिस्क बढ़ जाता है

खासकर बच्चों के हाथ में फोन होने पर ज्यादा खतरा।

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5. फास्ट चार्जिंग सपोर्ट नहीं मिलता

कई नकली charger पर “Fast Charging” लिखा होता है, लेकिन अंदर का chip फोन के protocol को सपोर्ट नहीं करता।

रिजल्ट:

  • 65W charger होने के बावजूद 10-15W पर चार्ज होता है
  • समय ज्यादा लगता है
  • बैटरी stress में रहती है

6. घोस्ट टच और सॉफ्टवेयर प्रॉब्लम

कुछ यूजर्स बताते हैं कि चार्जिंग पर फोन का टच अपने आप चलने लगता है इसे ghost touch कहते हैं।

कारण:

  • Electromagnetic interference नकली charger से
  • लंबे समय तक इस्तेमाल से display या software crash हो सकता है

7. चार्जिंग पोर्ट डैमेज हो जाता है

घटिया cable इस्तेमाल करने से:

  • पोर्ट ढीला पड़ जाता है
  • पिन जल सकते हैं
  • डेटा ट्रांसफर भी ठीक नहीं होता

8. वारंटी खराब हो सकती है

कंपनी सर्विस सेंटर में चेक करती है अगर नकली charger से डैमेज हुआ तो वारंटी क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

असली vs नकली चार्जर की तुलना

विशेषताअसली चार्जर (Original/BIS Certified)नकली/सस्ता चार्जर
चार्जिंग स्पीडतेज (33W-120W सपोर्ट)बहुत स्लो
बैटरी लाइफलंबी (2-3 साल तक अच्छी)जल्दी खराब (6-12 महीने)
ओवरहीटिंगकम या कंट्रोल मेंबहुत ज्यादा
सेफ्टी फीचर्सहाँ (Short circuit, surge protection)नहीं या कम
कीमत800-2000 रुपये100-400 रुपये
ब्लास्ट/फायर रिस्कबहुत कमज्यादा
वारंटी सपोर्टहाँनहीं

सही charger कैसे चुनें? (टिप्स)

  • हमेशा BIS certified या CRS mark वाला charger लें पैकेजिंग पर चेक करें।
  • अगर iPhone है तो MFi certified चुनें।
  • नामी ब्रांड जैसे Anker, Belkin, Samsung, Apple आदि के universal charger लें।
  • Output वोल्टेज और एम्पियर फोन के साथ मैच करें (जैसे 5V/2A या 9V/2A)।
  • बहुत सस्ता charger न लें 500 रुपये से कम का शक करें।
  • BIS Care ऐप से स्कैन करके चेक करें कि charger certified है या नहीं।
  • केबल भी अच्छी क्वालिटी की लें, पुरानी cable न यूज करें।
  • रात भर चार्जिंग से बचें, 80-90% पर unplug कर दें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. नकली charger से फोन explode हो सकता है क्या?
हाँ, ओवरहीटिंग से बैटरी thermal runaway में जा सकती है और blast हो सकता है कई केस रिपोर्ट हुए हैं।

2. BIS certified charger क्या होता है?
भारत सरकार का स्टैंडर्ड है। BIS mark वाला charger सेफ्टी टेस्ट से पास होता है Fake charger में यह mark नकली या नहीं होता।

3. सस्ता charger लेने से कितना नुकसान होता है?
बैटरी बदलवाने में 3000-5000 रुपये, फोन रिपेयर में 10,000+ और सुरक्षा का रिस्क।

4. फोन गर्म होने पर क्या करें?
चार्जिंग रोकें, कूल जगह पर रखें नकली charger हो तो बदल दें।

5. MFi certified charger सिर्फ iPhone के लिए है?
हाँ, Apple डिवाइस के लिए Android के लिए USB-PD या BIS certified अच्छा है।

6. क्या पावर बैंक भी नकली हो सकता है?
हाँ, कई पावर बैंक recall हुए हैं fire risk के कारण हमेशा certified लें।

7. ओरिजिनल charger खो गया तो क्या करें?
कंपनी सर्विस सेंटर से नया लें या trusted ब्रांड का compatible charger चुनें।

स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा है इसे सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है 200-500 रुपये बचाने के चक्कर में हजारों का नुकसान न करें हमेशा original या BIS certified smartphone charger इस्तेमाल करें इससे बैटरी लंबी चलेगी, फोन सेफ रहेगा और आपकी सुरक्षा भी बनी रहेगी।

अगर आपका charger गर्म हो रहा है या चार्जिंग स्लो है, तो तुरंत चेक करें और बदल लें अपने फोन की केयर करें, क्योंकि अच्छा charger आपका पैसा और समय दोनों बचाता है!

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